Sampoorna Grameen Rozgar Yojana Kya Hai 2022

Sampoorna grameen rozgar yojana का फ़ायदा अभी तक लाखो गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले लोगो को हो चुका है।

इस योजना को शुरू करने का सरकार का केवल एक ही मकसद था कि वो लोग भी सम्मान से अपने दो वक्त की रोटी कमा सके जो कि गरीबी रेखा से भी नीचे रहते हैं, और उनको सम्मान से जीने का हक़ मिले।

Sampoorna Grameen-Rozgar Yojana Kya Hai 2021

अगर आज के समय मे देखा जाए तो इस योजना का लाभ पाकर लोग बहुत खुश है और इसका फायदा उनको यह होता है कि उनको काम भी अपने क्षेत्र में मिल जाता है जिससे कि उनको दूसरे राज्यो में अपने जीवन यापन करने के लिए तथा काम ढूंढने के लिए पलायन नही करना पड़ता है।

हालांकि सरकार Sampoorna grameen rozgar yojana के तहत मजदूरों को काम मोहैया करवाती है उसमें नियमित daily wage के मुकाबले कुछ हद तक कम ही पैसे दिए जाते हैं।

लेकिन मजदूरों को इस बात की निश्चिंतता होती है कि उनको काम नियमित तौर पर मिलता रहेगा और रोज़ रोज़ बाहर जाकर काम ढूंढना नही पड़ेगा। जिससे कि मज़दूर वर्ग भी खुश रहते हैं।

सरकार की यह कोशिश है कि गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगो को इस काबिल बनाया जा सके कि उनको daily wage के लिए किसी भी सरकारी योजना पर निर्भर न रहना पड़े और वो काबिल बन सके।

जिसके लिए भारत सरकार कई तरह की योजनाएं भी चला रही है, और उनके बच्चों को पढ़ने के लिए भी कई प्रकार की schemes चल रही है ताकि वो लोग भी अपनी आर्थिक हालात को आगे चलकर सुधार सके।

तो चलिए अब विस्तार से जान लेते है कि Sampoorna grameen rozgar yojana क्या है और इससे कैसे और किन लोगों को फायदा होता है।

Sampoorna grameen rozgar yojana Kab Se Shuru Hua?

Sampoorna grameen rozgar yojana की शुरुआत 25 sepetmber 2001 में हुई थी और इसे जवाहर ग्राम समृद्धि योजना और रोजगार बीमा योजना के साथ जोड़ कर बनाया गया था।

जिसका मकसद केवल यह था कि पिछड़े जाति एवम जनजातियो को भी सम्मान से जीने योग्य पैसे कमाने का मौका मिले ताकि वो लोग भी अपना जीवन यापन सम्मान के साथ सही तरीके से कर सके।

इस योजना से ऐसे बहुत से लोग थे जिनको रोज़ का रोजगार मिला है और यह योजना काफी कामयाब भी रही है। इसकी वजह से मजदूर वर्ग के लोग जो पहले जोखिम भरे कार्य करते थे, उनको भी सही दिशा में और जोखिम से दूर रहकर काम करने का मौका मिला।

हालांकि इसका मकसद केवल गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगो को रोजगार देने का था ताकि वो लोग सही से जीवन यापन कर सके। लेकिन इसमे गरीबी रेखा के ऊपर रहने वाले लोगो को भी रोजगार दिया जाता है।

जिनको भी रोज़गार की अवर्शकता होती है। इसके लिए उनको पहले से अपने ग्राम पंचायत या ग्राम रोजगार प्रबंधक के पास अपना नाम दर्ज करवाना होता है और form भर कर submit करना होता है।

ताकि जब सरकार के तरफ से किसी प्रकार के कार्य के लिए vacancy आती है तो उनको पहले प्राथमिकता दी जाए।

Jawahar gram samridhi yojana के बारे में जानकारी

Jawahar gram samridhi yojana भी Sampoorna grameen rozgar yojana का ही हिस्सा है। सबसे पहले 1989 में इस योजना को ही लागू किया गया था और इसका नाम पहले प्रधानमंत्री के नाम पर रखा गया था।

जिसका मुख्य उद्देश्य जरूरत के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बुनियादी ढांचा तैयार करना था। उस योजना की शुरुआत की वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगो काम प्रदान करने की दिशा में बड़ा महत्वपूर्ण योगदान दिया था।

तथा इसी के ऊपर 2001 में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के द्वारा सुधार किया गया और इसको दूसरे अन्य योजनाओं के साथ मिलाकर सम्पूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना का नाम दिया गया।

Sampoorna grameen rozgar yojana किन लोगों के लिए है?

जैसा कि हमने आपको ऊपर भी बताया है कि सम्पूर्ण ग्रामीण योजना केवल पिछड़ी जाति एवम जान जातियों के लिए है जो कि आर्थिक तौर पर मजबूत नही है और जिनके पास रोज़गार को संभावनाएं और अवसर भी कम होते हैं।

ऐसे लोगो को सरकार आर्थिक मदद के साथ अनाज भी देती है ताकि कोई भी व्यक्ति हमारे देश मे भूख की वजह से न रहे। इस योजना के ऊपर सरकार का सालाना बजट करीब 10,000 करोड़ का होता है।

और इसके साथ साथ 50 टन अनाज भी होता है जो daily wage पर काम करने वाले मजदूरों को दिया जाता है।

इस योजना का पूरा खर्च राज्य सरकार और केंद्र सरकार ही देती है जिसमे कि 75 प्रतिशत केंद्र सरकार के द्वारा आर्थिक मदद दी जाती है और 25 प्रतिशत राज्यों के सरकार के द्वारा आर्थिक मदद की जाती है।

लेकिन सब्सिडी दर पर सीधे भारत की सरकार के द्वारा खाद्य निगम को भुगतान किया जाता है और एफ सी आई अनाज के गोदाम से कार्यस्थल या सार्वजनिक वितरण केंद्र तक पहुंचाया जाता है।

इस दौरान जो भी खर्चा अनाज के वितरण में आता है उसकी पूरी जिम्मेदारी राज्यों के सरकार की होती है।

इतना ही नही बल्कि यह पंचायत स्तर पर भी बांटा गया है। जिसमें की जिला पंचायत का हक 20 प्रतिशत होता है, मध्यवर्ती पंचायत का हक 30 प्रतिशत और ग्राम पंचायत का हक 50 प्रतिशत होता है।

और यह अपने अनुसार इसका उपयोग करके कोई भी कार्य अपने क्षेत्र में करवा सकते हैं।

Sampoorna grameen rozgar yojana के तहत कितना अनाज बांटा जाता है?

इस योजना के तहत सरकार सभी काम करने वाले मज़दूरों को minimum daily wage प्रदान करती है।

जो कि सरकार के द्वारा कम से कम 25 प्रतिशत देना होता है जिसका फैसला ग्राम पंचायत का होता है और वो मज़दूरों के काम के अनुसार उनको पैसा प्रदान करते हैं।

इतना ही नही इसके साथ साथ सभी व्यक्ति जो भी काम करते हैं, उनको 5 किलो अनाज भी बांटा जाता है ताकि जो लोग काम करते हैं उनका पूरा पैसा अनाज ख़रीदने में ही न चला जाये तथा अपने दूसरे जरूरत के समान भी खरीद सकें।

Sampoorna grameen rozgar yojana का लाभ पाने के लिए क्या पात्रता है?

जैसा कि आपको हमने पहले भी बताया है कि इस योजना को गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले लोगो के लिए शुरू किया गया है। ताकि उनके लिए रोजगार के अवसर बना सके और वो लोग अपना जीवन सम्मान के साथ जी पाए।

इस योजना का लाभ पाने के लिए यह जरूरी नही है कि आप केवल पिछड़ी जाति या अनुशुचित जनजाति के category से ही हो, यदि आप किसी अन्य वर्ग से भी है, तो आप इसमे काम करने के लिए अपना आवेदन दे सकते हैं।

परन्तु यदि आप आर्थिक रूप से कमज़ोर है तभी आपको इसमे अपना आवेदन देने की अनुमति ग्राम पंचायत के द्वारा मिलती है।

और आप आगे registration करवाने के लिए शाखा में जा सकते हैं। तथा अपने नाम का पंजीकरण करवा सकते हैं।

इस योजना के क्या फायदे है, और किन लोगों को इससे फायदा होता है?

  • इसका सबसे अधिक लाभ SC, ST वालो को मिलता है। लेकिन इसमे अन्य वर्गों के लोग भी अपना नामांकन दे सकते हैं।
  • सरकार की इस योजना में मज़दूरों को minimum 25 पर्तिशत मज़दूरी देनी होती है।
  • मज़दूरी के साथ प्रत्येक व्यक्ति को 5 किलो अनाज रोज़ दिया जाता है ताकि वो लोग कम से कम भूखे न रहे।
  • इसका लाभ ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले मज़दूरों को अधिक होता है क्योकि उनको अपने घर के पास ही काम मिल जाता है और काम की तलाश करने के लिए कहि बाहर नही जाना पड़ता है।
  • इस scheme की सहायता से पिछड़े वर्ग भी सम्मान की जिंदगी जी पाते हैं।
  • इस योजना में किसी भी तरह की ठेकेदारी या तीसरे पक्ष का दखल नही होता है।

निष्कर्ष

इस पोस्ट के माध्यम से आप ने जाना कि Sampoorna grameen rozgar yojana क्या है और यह कैसे कार्य करता है तथा इसके माध्यम से कितने लोगों को रोजगार मिलता है तथा सरकार को इससे क्या फायदा होता है।

दोस्तो सम्मान से जीने का सभी को पूर्ण हक़ है और प्रत्येक व्यक्ति को हमारे समाज मे एक दूसरे का सम्मन करना चाहिए और किसी को भी घृणा की नज़र से नही देखना चाहिए।

तथा किसी भी व्यक्ति को उसके कार्य के आधार पर भेद भाव नही करना चाहिए।

इन्ही सब चीज़ों को देखते हुए और समाज मे एक balance बनाए रखने के लिए सरकार के द्वारा ऐसे जनकल्याण की योजनाएं लायी जाती है ताकि आर्थिक रूप से पिछड़े लोग भी अपने जीवन यापन के लिए पैसा कमा सके और खुशी से अपना जीवन जी सके।

इससे सरकार को भी फायदा होता है क्योंकि सरकार के द्वारा हमेशा ही development के कार्य किये जाते हैं, जिसमे कि मज़दूरों की आवयश्यकता होती है और इस तरह की योजनाओं के द्वारा सरकार का काम भी पूरा हो जाता है और गरीब वर्ग को नौकरियां भी मिल जाती है।

तो दोस्तो आपको हमारा यह लेख “Sampoorna grameen rozgar yojana” के बारे में जानकारी कैसी लगी आप हमे अपनी राय comment box में जरूर बताएं।

इस post को अपने मित्रों और पहचान वालो के साथ भी share करे ताकि उनको भी Sampoorna grameen rozgar yojana के बारे में जानकारी मिल सके, धन्यवाद!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *